एमएसएमई पल्स: जुलाई 2026 की प्रमुख विशेषताएँ
एमएसएमई पल्स रिपोर्ट (जुलाई 2026) भारत के एमएसएमई ऋण पारिस्थितिकी तंत्र का व्यापक आकलन प्रस्तुत करती है। इसमें वाणिज्यिक ऋण संबंधी आंकड़ों के साथ-साथ व्यक्तिगत क्षमता में लिए गए व्यवसाय-उन्मुख ऋणों को भी शामिल किया गया है। संशोधित एमएसएमई वर्गीकरण और ₹100 करोड़ तक की बढ़ी हुई एक्सपोज़र सीमा के अनुरूप यह रिपोर्ट वाणिज्यिक ऋण प्रवाह, उधारकर्ताओं के व्यवहार तथा ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता का अधिक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
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अंतिम अपडेट: 02-06-2026
