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श्री जी. गोपालकृष्ण

Shri Sudatta Manda

श्री जी. गोपालकृष्ण

श्री जी. गोपालकृष्ण 21 अप्रैल 2014 से 20 अप्रैल 2017 तक सेंटर फॉर एडवांस्ड फ़ाइनेंस रिसर्च ऐंड लर्निंग (सीएएफआरएएल) के निदेशक थे। सीएएफआरएएल की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस उद्देश्य के साथ की थी कि यह बैंकिंग एवं फाइनेंस के शोध और अधिगम (लर्निंग) पर कार्य करने वाली विश्वस्तरीय वैश्विक संस्था के रूप में विकसित हो सके। सीएएफआरएल में नियुक्ति से पहले वे भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यपालक निदेशक थे। श्री गोपालकृष्ण का 33 वर्ष से अधिक का कैरियर केंद्रीय बैंकर के रूप में रहा है और इस दौरान उन्‍होंने मुख्यतः बैंकिंग और गैर-बैंकिंग विनियामक एवं पर्यवेक्षण क्षेत्र में कार्य किया है। वे भारतीय रिज़र्व बैंक/भारत सरकार के अनेक कार्यदलों में अध्यक्ष तथा सदस्य के रूप में रहे हैं। वर्ष 2011 के दौरान, उन्होंने सूचना सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी, जोखिम प्रबंध तथा साइबर धोखाधड़ी संबंधी कार्यदल की अध्यक्षता की, जिसकी संस्तुतियाँ अप्रैल 2011 में लागू की गईं। सूचना सुरक्षा, सूचना लेखापरीक्षा, आईटी गवर्नेंस तथा साइबर धोखाधड़ी के क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के उक्त दिशानिर्देश न्यूनतम मानक बन गए हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में, बड़े मूल्य वाले ऋणों की रिपोर्टिंग के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्मित केंद्रीय क्रेडिट रजिस्ट्री का प्रलेखन किया। वर्ष 2014 में ही श्री गोपालकृष्ण ने बैंकों तथा गैर-बैंकों में क्षमता निर्माण से संबंधित एफएसएलआरसी की संस्तुतियों की जाँच के लिए गठित समिति की अध्यक्षता की। उक्त रिपोर्ट भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा स्वीकृत एवं लागू की गई।