अचल आस्तियों के लिए सावधि ऋण तथा कार्यशील पूँजी के लिए ऋण, दोनों एक ही एजेंसी के माध्यम से प्रदान करना। ऐसी इकाइयों के लिए पुनर्वित्त की पात्र कार्यशील पूँजी का निर्धारण करने के लिए समग्र निधि सुविधाओं सहित कुल कार्यशील पूँजी आवश्यकता ध्यान में रखी जानी चाहिए।
लघु उद्योग क्षेत्र /अतिलघु क्षेत्र में नई परियोजनाएँ स्थापित करने वाले उद्यमी, प्राथमिक ऋणदात्री संस्थाओं के माध्यम से, मौजूदा लघु उद्योग इकाइयों की अभारित स्थिर आस्तियाँ अर्जित करने वाले नए उद्यमी, साथ ही, आधुनिकीकरण /प्रौद्योगिकी उन्नयन अपनानेवाली तथा अच्छा कामकाज करने वाली मौजूदा इकाइयाँ और पुनर्वास योजना के अधीन संभाव्य रूप से विकासक्षम रुग्ण इकाइयाँ।
योजना राज्य वित्त निगमों /दोहरे दायित्ववाले राज्य औद्योगिक विकास निगमों /अनुसूचित वाणिज्य बैंकों /पात्र राज्य सहकारी बैंकों /अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों के माध्यम से परिचालित की जाती है।
सावधि ऋण - 200 लाख रुपये से अधिक न हो।