लघु उद्योग क्षेत्र की वस्त्र उद्योग इकाइयों (कपास ओटाई तथा प्रेसिंग क्षेत्र की इकाइयों सहित) को प्रौद्योगिकी उन्नयन करने तथा अपनी उत्पादन सुविधाओं का आधुनिकीकरण करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना। योजना के अंतर्गत यह परिकल्पना की गई है कि प्रौद्योगिकी उन्नयन / आधुनिकीकरण करने के लिए लघु उद्योग इकाइयों द्वारा पात्र प्राथमिक ऋणदात्री संस्थाओं से प्राप्त ऋणों पर 5 प्रतिशत बिंदु का ब्याज प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप प्रौद्योगिकी के साथ स्थापित की जा रही नई इकाइयाँ भी उक्त प्रोत्साह हेतु पात्र होंगी।
उक्त योजना के अंतर्गत सहायता निर्दिष्ट प्रकार की मशीनरी (प्रौद्योगिकी उन्नयन हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित परिभाषा के अनुरूप) का संस्थापन नई इकाई में करने अथवा किसी मौजूदा इकाई में मौजूदा मशीनरी के प्रतिस्थापन और / अथवा विस्तार हेतु उपलब्ध होगी, जो कि आरटफ योजना के अंतर्गत कवरेज हेतु पात्र होगी ( मशीनरी की सूची का विवरण भारत सरकार द्वारा जारी प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना पुस्तिका के खंड 4 में दिया गया है।)
i] निम्नलिखित निवेश भी उस सीमा तक पात्र होंगे, जहां तक कि प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए संयंत्र और उपकरण संस्थापित किए जाने हेतु आवश्यक हों और ऐसा कुल निवेश सामान्यत: ऐसे संयंत्र और मशीनरी में कुल निवेश के 25% से अधिक नहीं होगा :
क) भूमि और फैक्टरी भवन जिसमें फैक्टरी भवन का नवीकरण और बिजली संस्थापन शामिल है।
ख) ऊर्जा बचत उपकरण
ग) अपशिष्ट निवर्तन संयंत्र
घ) एकाधिकार वाले औद्योगिक उपयोग हेतु जल प्रसंस्करण संयंत्र
ङ) एकाधिकार वाला विद्युत उत्पादन