अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक | प्रबंधन | वरिष्ठ प्रबंधन | विभाग प्रमुख | अंचल कार्यालयों के प्रमुख
क) उधारकर्ताओं (रु. 2 लाख तक की सहायता चाहने वालों सहित) के लिए सिडबी द्वारा विस्तृत ऋण आवेदन फार्म विहित है। प्रति उधारकर्ता रु.5 लाख तक की सहायता/ ऋण हेतु कोई अपफ्रंट शुल्क/ प्रक्रमण शुल्क नहीं लिया जाता। साथ ही, इस तरह के ऋणों को समयपूर्व चुकाने की सुविधा भी है, जिसपर कोई प्रीमियम नहीं लगाता। प्रति उधारकर्ता रु.5 लाख से ऊपर के ऋणों के मामले में, माँगी गई सहायता के 2% तक अपफ्रंट शुल्क/ प्रीमियम प्रभारित किया जा सकता है। यदि आवेदक को किसी प्रकार की वित्तीय सहायता मंजूर न की गई हो तो उक्त पूरा शुल्क लौटाया जा सकता है। ऋणों को समयपूर्व चुकाने की सुविधा उपलब्ध होगी और 5 लाख रुपये से अधिक सहायता-प्राप्त उधारकर्ता से सिडबी द्वारा प्रचलित निर्देशों के अनुसार परिकलित प्रीमियम लिया जाएगा।
ख) सिडबी सभी ऋण आवेदनों के लिए प्राप्ति-सूचना देता है। बैंक ने क्रेडिट रेटिंग के लिए जोखिम मूल्यांकन साधन अपनाया है, जिससे मूल्यांकन व प्रक्रमण के समय में कमी आई है और एसएमई घटक के छोटे ग्राहकों तक पहुँचने में मदद मिली है। संपूर्ण जानकारी/ आँकड़े/ स्पष्टीकरण/ रिपोर्टों आदि के मिलने की तारीख से ऋण आवेदनों के निपटाने तक लगनेवाले समय का उल्लेख इन प्राप्ति-सूचनाओं में होता है।
ग) रु. 2 लाख तक के वाणिज्यिक ऋण आवेदनों को बैंक संपूर्ण जानकारी/आँकड़े/ स्पष्टीकरण/ रिपोर्टों आदि के मिलने की तारीख से 15 कार्य-दिवसों के भीतर निस्तारित कर देगा। रु. 2 लाख से अधिक के जो वाणिज्यिक ऋण आवेदन क्षेत्रीय कार्यालय/ शाखा कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में होंगे, उनको बैंक सामान्यतः संपूर्ण जानकारी/ आँकड़े/ स्पष्टीकरण/ रिपोर्टों आदि सहित आवेदन के मिलने की तारीख से 15 कार्य-दिवसों में निपटा देगा और यदि प्रस्ताव अंचल कार्यालय/ प्रधान कार्यालय भेजे गये हों तो अगले 15 कार्यदिवसों में।
घ) सिडबी ऋण आवेदनों का सत्यापन एक समुचित अवधि के भीतर करेगा। यदि अतिरिक्त ब्यौरों/दस्तावेजों की आवश्यकता हो तो उधारकर्ता को यथाशीघ्र सूचित किया जाएगा।
ङ) बैंक के नीतिगत ढांचे और/ अथवा जोखिम अवधारणा के आधार पर, विस्तृत मूल्यांकन करके अथवा उसके बिना, किसी आवेदन के सहायता-योग्य न पाए जाने के पर, वित्तीय सहायता से इनकार किए जाने की स्थिति में, तद्विषयक लिखित जानकारी सिडबी द्वारा दी जाएगी, जिसमें बताया जाएगा कि किस कारण/ किन कारणों से ऋण आवेदन को अस्वीकार किया गया है। इस तरह की सूचना आम तौर पर अस्वीकृति के 10 दिन के भीतर आवेदक को दे दी जाएगी।
2. ऋण आवेदन एवं निबंधन/ शर्त
क) बैंक का जोखिम मूल्यांकन मॉडल परियोजना के विविध आयामों का जोखिम विश्लेषण करता है। इसके आरंभ होने से सिडबी सुनिश्चित करता है कि उधारकर्ता द्वारा प्रस्तुत ऋण आवेदन का उचित एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन हो। उधारकर्ता/ परियोजना के विषय में बैंक विस्तृत ड्यू डिलिजेंस तथा मूल्यांकन संपन्न करता है और मार्जिन तथा प्रतिभूति विषयक विनिर्दिष्टियों को उसके प्रतिस्थापक के रूप में इस्तेमाल नहीं करता।
ख) सिडबी उधारकर्ता को ऋण/ऋण-सीमा तथा तत्संबंधी निबंधन व शर्तें सूचित करता है और उधारकर्ता द्वारा उक्त निबंधन व शर्तों की स्वीकृति, उसकी पूरी जानकारी में अपने अभिलेख में रखता है।
ग) सिडबी और उधारकर्ता के बीच समझौता होने के बाद सिडबी द्वारा प्रदत्त ऋण सुविधाओं से संबंधित निबंधन व शर्तें तथा अन्य नियमों को लिपिबद्ध कर लिया जाएगा और सिडबी के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। ऋण करार की एक प्रति और ऋण करार में उल्लिखित सभी संलग्नकों की एक-एक प्रति उधारकर्ता को दी जाएगी।
घ) जहाँ तक संभव हो, सिडबी कोशिश करेगा कि ऋण करार में ऋण सुविधाओं का स्पष्ट उल्लेख हो, जो पूर्णतया सिडबी के विवेक पर निर्भर होगा। इनमें सुविधाओं का अनुमोदन अथवा उनका अस्वीकरण हो सकता है, जैसे कि स्वीकृत सीमा से अधिक आहरण, ऋण मंजूरी में विशिष्ट रूप से सहमत उद्देश्य के अलावा किसी अन्य उद्देश्य हेतु जारी चेक को सकारना, और किसी खातेदार के गैर निष्पादक आस्ति वर्गीकृत किए जाने के पश्चात् अथवा मंजूरी-शर्तों का अनुपालन न करने पर उधार खाते से आहरण न करने देना। इसका भी विशिष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि ऋण सीमाओं की समुचित समीक्षा के बिना, उधारकर्ता की व्यवसाय-वृद्धि आदि कारणों से उत्पन्न आगे की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सिडबी की कोई बाध्यता नहीं है।
ङ) समूह-व्यवस्था के अंतर्गत ऋण-प्रदायगी के मामले में, एक प्रतिभागी पक्ष के रूप में सिडबी ऐसी प्रक्रिया विकसित करेगा ताकि जहाँ तक व्यवहार्य हो, प्रस्तावों का मूल्यांकन समयबद्ध तरीके से हो जाए और वित्त प्रदान करने अथवा अन्य कोई निर्णय समुचित समय-सीमा में सूचित कर दिया जाए।
3. ऋणों का संवितरण, निबंधन व शर्तों में परिवर्तनों सहित
सिडबी मंजूर किए गए ऋणों का, उक्त मंजूरियों से संबंधित निबंधनों व शर्तों की अनुरूपता में, समय पर संवितरण सुनिश्चित करेगा। निबंधनों व शर्तों (जिनमें ब्याज दरें, सेवा प्रभार आदि शामिल हैं) में कोई परिवर्तन होने पर सिडबी उनकी सूचना देगा। बैंक यह भी सुनिश्चित करेगा कि ब्याज दरों तथा प्रभारों में परिवर्तन भावी प्रभाव से लागू किए जाएँ।
4. संवितरण उपरान्त पर्यवेक्षण
क) सिडबी द्वारा संवितरण-उपरान्त पर्यवेक्षण, विशेषकर 2 लाख रुपये तक के ऋणों के मामले में प्रलक्षित (कंस्ट्रक्टिव) होगा, ताकि उधारकर्ता के सामने आ सकनेवाली 'सिडबी संबंधी' वास्तविक कठिनाइयों पर ध्यान दिया जा सके। ख) ऋण वापस माँगने/ अथवा चुकौती में तेजी लाने, करार के निष्पादन अथवा अतिरिक्त प्रतिभूतियाँ माँगने का निर्णय करने से पहले, सिडबी उधारकर्ताओं को ऋण करार में विनिर्दिष्ट अवधि का अथवा यदि ऋण करार में विनिर्दिष्ट न हो तो उचित अवधि का नोटिस देगा।
ग) सिडबी ऋण की अदायगी मिलने पर अथवा ऋण की वसूली पर समस्त प्रतिभूतियाँ लौटा देगा, बशर्ते सिडबी का उधारकर्ता पर कोई और वैध अधिकार अथवा ग्रहणाधिकार अथवा अन्य कोई दावा न बनता हो। यदि समायोजन का ऐसा कोई अधिकार इस्तेमाल किया जाए, तो उधारकर्ता को उसके विषय में सूचित किया जाएगा और शेष दावों तथा उन दस्तावेजों की पूरी जानकारी दी जाएगी, जिनके आधार पर सिडबी को तत्संबंधी दावे के निपटान/भुगतान होने तक प्रतिभूतियाँ अपने पास रखने का अधिकार है।
5. सामान्य
क) उधारकर्ताओं के मामले में हस्तक्षेप करने से सिडबी परहेज करेगा, सिवाय उन मामलों के जो ऋण मंजूरी संबंधी दस्तावेजों के निबंधन व शर्तों में प्रावधानित हों (जब तक कि ऐसी कोई नई जानकारी सिडबी के ध्यान में आई हो, जो उधारकर्ता द्वारा पहले न दी गई हो).
ख) सिडबी ऋण प्रदायगी के मामले में लिंग, जाति और धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। किन्तु इसके कारण समाज के कमजोर वर्गों के लिए तैयार की गई ऋण सहबद्ध योजनाओं में सिडबी की सहभागिता से विलग नहीं हो जाएगा।
ग) ऋण की वसूली के मामले में, सिडबी अनावश्यक परेशान करने के तरीके, जैसे- उधारकर्ता को असुविधाजनक समय पर लगातार तंग करना, ऋण वसूली हेतु शारीरिक बल का इस्तेमाल करना आदि, नहीं अपनाएगा।
घ) उधार खाते के अंतरण के संबंध में उधारकर्ता से अथवा किसी बैंक/ वित्तीय संस्था से ऐसा अनुरोध प्राप्त होने पर जिसमें खाते के अभिग्रहण का प्रस्ताव हो, सिडबी की सहमति अथवा असहमति, यानी आपत्ति,यदि हो, सामान्यतः ऐसा अनुरोध मिलने के 21 कार्यदिवसों के भीतर सूचित की जाएगा।
6. परिवेदना निवारण प्रणाली
अन्य बातों के साथ-साथ, उचित व्यवहार संहिता से उत्पन्न विवादों के समाधान के लिए सिडबी ने शिकायत एवं परिवाद समाधान नीति बनाई है। इस प्रणाली से सुनिश्चित किया जाता है कि सिडबी के कार्यकर्ताओं के निर्णयों से उत्पन्न सभी विवाद सक्षम शिकायत/ परिवाद समाधान प्राधिकारी द्वारा सुने और निपटाए जाएँ। साथ ही, यदि शिकायतकर्ता समाधानात्मक कार्रवाई से असंतुष्ट हो तो शिकायतकर्ता द्वारा अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील करने का प्रावधान भी है।
7. शुल्क और प्रभारों की अनुसूची
1. सावधि ऋण
कार्यशील पूंजी सीमा तथा एमएसएमई-आरएफएस - अंतर्देशीय ऋण -पत्र से पुष्ट
एमएसएमई प्राप्य वित्त योजना तथा बीजक भुनाई योजना
विक्रेतावार एमएसएमई आरएफएस (एसआरएफएस)
प्रत्यक्ष भुनाई योजना (उपकरण)
गारंटी योजना
अंतर्देशीय ऋणपत्र
1. अपफ्रंट शुल्क मंजूरी के समय देय होता है। तथापि, रु. 5 लाख प्रति उधारकर्ता तक के ऋणों पर अपफ्रंट शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि आवेदक को कोई वित्तीय सहायता मंजूर न किए जाने पर उक्त शुल्क संपूर्ण रूप से वापस कर दिया जाएगा। 2. जिन उधारकर्ताओं की कुल ऋण राशि रु. 5 लाख तक है, उन पर कोई समयपूर्व भुगतान शुल्क नहीं लगाया जाएगा। समयपूर्व भुगतान ब्याज ऋण की शेष अवधि के आधार पर लगाया जाएगा, अर्थात् 1 वर्ष तक 1%, 3 वर्ष तक 2%, और 3 वर्ष से अधिक की शेष अवधि वाले ऋणों के संबंध में 3%। 3. सीजीटीएमएसई गारंटी शुल्क / वार्षिक सेवा शुल्क वास्तविक आधार पर देय है।
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