सिडबी राज्य स्तरीय वित्त निगमों/ राज्य औद्योगिक विकास निगमों/ बैंकों आदि को उनके द्वारा लघु उद्योग इकाइयों को दिए गए ऋणों के प्रति पुनर्वित्त देता आ रहा है।
अप्रैल, 1990 में सिडबी की स्थापना के बाद से यह आवश्यकता अनुभव की गई/अभ्य़ावेदन किए गए कि चूंकि सिडबी लघु उद्योग क्षेत्र के लिए प्रमुख वित्तीय संस्था है, इसलिए इसे चुनिंदा आधार पर लघु उद्योग परियोजनाओं का वित्तपोषण आरंभ करना चाहिए।
इसलिए लघु उद्योग क्षेत्र के लिए ऋण उपलब्धता के अन्य माध्यमों की अनुपूर्ति के लिए प्रत्यक्ष सहायता योजना आरंभ करने का निर्णय किया गया। तब से सिडबी ने लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए कई प्रकार के उत्पादों व सेवाओं के आपूर्तिकर्ता के रूप में खुद को विकसित किया है।